कहानी इटारसी के मीसाबंदियों की… क्‍या लिखते हैं वरिष्‍ठ पत्रकार प्रमोद पगारे, पढे पूरा लेख

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सोर्स इंटरनेट मीडिया

मध्य प्रदेश में एक ही परिवार के तीन भाइयों को मीसा बंदी बनाया और पुत्र को डीआईआर में गिरफ्तार किया। 25 जून की काली रात इटारसी शहरवासी कभी भूल नहीं सकते। सुक्कू भैया परिवार को सभी जानते हैं। भारतीय जन संघ की स्थापना के पहले से यह परिवार संघ विचारधारा से जुड़ा है।

कांग्रेस ने आपातकाल में जिस तरह का खेल खेला वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। स्वर्गीय श्री नर्मदा प्रसाद सोनी सुक्कू भैया, स्वर्गीय श्री हरि बल्लभ सोनी एवं स्वर्गीय श्री प्रकाश वल्लभ सोनी को मीसा में बंद किया गया। 19 माह तक तीनों भाई जेल में रहे। स्वर्गीय सुक्कू भैया के बेटे प्रमोद सोनी को डीआईआर में बंद किया गया। बाद में सबसे बड़े भाई नर्मदा प्रसाद सोनी जनता पार्टी में शामिल हुए और इटारसी के विधायक बने। स्वर्गीय प्रकाश वल्लभ सोनी नगर पालिका अध्यक्ष बने।

भारतीय जनता पार्टी के शासन में उम्मीद थी कि परिवार के साथ न्याय होगा। उसूल और सिद्धांतों पर जीने वाला यह परिवार किसी के आगे घुटने नहीं टेक सका। जी हुजूरी नहीं कर सका। सभी जैसे तैसे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। कभी-कभी मीसा बंदी के नाम पर जिन्हें अब लोकतंत्र सेनानी कहा जाता है, फूल माला और शाल ओढ़ा दी जाती है। व्यापार के नाम पर दो भाइयों के बच्चे टिन टपरे की कच्ची दुकानों में है। एक बहू नगर पालिका में डेली वेजेस पर है।

परिवार के बच्चे आज भी संघ परिवार से जुड़े हैं एक संस्कृत भारती का कार्य देख रहे हैं और एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में नगर सह कार्य वाह है। मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार को मीसाबंदियों के बारे में सोचना चाहिए। इटारसी के अधिवक्ता श्री अनिल कुमार शर्मा जिन्होंने अपनी भरी जवानी राजनीति को दे दी मीसा बंदी हुए तो जेल से एलएलबी की परीक्षा दी पास हुए। वेध राम आसरे बाजपेई भी मीसाबंदी हुए, उन्होंने भी आयुर्वेद की परीक्षा जेल से ही दी। राम आसरे जी के पूज्य पिता श्री परमात्मा प्रसाद वाजपेई को भी मीसा में बंद किया गया था।

पिता पुत्र दोनों एक ही जेल में थे। श्री दुष्यंत कुमार गौर को भी मीसा में बंद किया गया। स्वर्गीय श्री हरि नारायण अग्रवाल, स्वर्गीय श्री सरताज सिंह, स्वर्गीय श्री हरि मोहन तिवारी, स्वर्गीय श्री ठाकुर गुलाब सिंह, स्वर्गीय श्री प्रेमदास महोविया, स्वर्गीय श्री शीतल प्रसाद मिश्रा, स्वर्गीय श्री वल्लभ दास अग्रवाल, श्री बृजमोहन तिवारी, श्री दुष्यंत कुमार गौर, श्री संतोष त्रिवेदी, जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सूरज प्रसाद खत्री, स्वर्गीय श्री रामेश्वर प्रसाद आर्य, स्वर्गीय श्री गौरी लाल तिवारी तवानगर, स्वर्गीय मोहम्मद खान, स्वर्गीय श्री ज्ञान प्रकाश बाली, स्वर्गीय श्री लीलाधर अग्रवाल, स्वर्गीय श्री अशोक रावत लोकतंत्र सेनानियों में शामिल है। आज इन लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों की हालत क्या है? उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है? सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

इस लेख के लेखक वरिष्‍ठ पत्रकार श्री प्रमोद पगारे हैं… 

 

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